सुन्दरपुर,वाराणसी । 10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...
क्यो न लिखूं में सच: अरविंद उपाध्याय की कलम से कछवारोड,वाराणसी। बिजली विभाग समय समय पर नई योजना निकालता रहता है जिससे हर घर को 24 घंटे बिजली मिल सके, लेकिन कटिया मार यूनियन ने इसे अपना अपमान समझ लिया और कहा “ हमारी परंपरा है कटिया मारना, मीटर देख-देख कर बिल भरना हमारी संस्कृति में नहीं!” गाँव में अब न केवल बिजली का तार झूल रहा है, बल्कि कटिया भी हवा में झूमते हुए तिरंगा जैसा लहरा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर छापेमारी करते है, पर कटिया मार चोरों का कहना है – “अरे साहब, आप छापा मारो, हम फिर से कटिया मारेंगे। यह हमारा स्टार्टअप है, हम इसे बंद नहीं कर सकते।” गाँव के चौराहे पर चर्चा है कि “बिजली चोरी अब कला बन चुकी है।” कई जगह तो बच्चों को बचपन से सिखाया जा रहा है कि सही तरीके से कटिया कैसे फेंकी जाए – जैसे क्रिकेट में गेंद फेंकना। अधिकारियों का कहना है कि मीटर से ज्यादा शिकायत अब कटिया कनेक्शन की आती है। बिजली विभाग के एक लाइनमैन ने तो यह भी कह डाला की हमारे पास जितनी शिकायतें कटिया की आती हैं, उतनी तो रिश्तेदारों की शादी में निमंत्रण नहीं आते!”