Skip to main content

महामना की बगिया से माली के हाथों मिला वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा पंडित को महामना मानस संतति सम्मान

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध नगर वाराणसी में स्थित 'महामना के बगिया' के माली द्वारा रविवार को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा को उनके उत्कृष्ट पत्रकारिता कार्य के लिए सम्मानित किया गया।


यह कार्यक्रम महामना के बगिया के कई उत्कृष्ट मालियों द्वारा आयोजित किया गया था जहां अपने कार्य क्षेत्र में सराहनीय कार्यों के लिए लोगों को सम्मानित किया गया ! जहाँ पत्रकारिता के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा पंडित के योगदान को सराहा गया। कृष्णा पंडित ने अपने 16 वर्षों के करियर में मीडिया की दुनिया में अपनी एक मजबूत और अलग पहचान बनाई है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखनी ने समाज में जागरूकता फैलाने, नागरिक अधिकारों की रक्षा करने और समाज के हाशिए पर खड़े वर्गों की आवाज़ को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया है। चौथे स्तंभ की मान सम्मान और अभिमान के रूप में शानदार व्यक्तित्व जाना जाता है बहुत ही बेबाक और निडर पत्रकारिता के लिए प्रविख्यात हैं ! आपको प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अलग-अलग अनुभव रहा है आप समय-समय पर सामाजिक सरोकारों में भी भागीदारी करते हैं ! आने वाली पीढ़ी के लिए आपकी लेखनी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है आपके लेखन से नए साथियों को सीखने का अवसर मिलता है ! मंचासिन वरिष्ठ जनों द्वारा आशीर्वाद वचनों के साथ आपकी कलम निरंतर यूं ही समाज में जन जागृति और लोगों की उत्थान के लिए कार्य करें ऐसा वहां उपस्थित वक्ताओं ने कहा !

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कुशीनगर पडरौना से ओम प्रकाश द्विवेदी ज़ी ने कृष्णा पंडित को उनकी पत्रकारिता की यात्रा और समाज के प्रति उनके योगदान के लिए बधाई दी । अध्यक्ष चिकित्सा विज्ञान संस्थान BHU के पूर्व निदेशक राणा गोपाल सिंह ने कहा, "कृष्णा ने हमेशा सत्य और निष्पक्षता की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं, और यही गुण उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में एक आदर्श बनाते हैं।"


इस दौरान कई अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित थे, जिनमें पत्रकार, समाजसेवी और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में कृष्णा ने सभी का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें यह सम्मान मिलने से उनका मनोबल और बढ़ा है, और वे आगे भी पत्रकारिता के क्षेत्र में समाज की भलाई के लिए कार्य करते रहेंगे।

यह सम्मान समारोह एक छोटे से प्रयास डॉ सत्य प्रकाश पाण्डेय जो डॉ सत्या होप टॉक का हिस्सा था, जिससे पत्रकारिता की असल भूमिका को सम्मानित किया गया और समाज में इसकी अहमियत को दर्शाया गया।
 के सीईओ मुकेश पांडे सौरभ जी ने अपने रोजगार व्यक्त किये और बेरोजगारी से लड़ रहे समाज को एक उम्मीद की किरण दिखाई। प्रेमलता ज़ी इटारसी से आकर अखिल भारतीय समाज को सन्देश दे कर गई !

Comments

Followers

Popular posts from this blog

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे पर आर एस बनारस लॉ कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुन्दरपुर,वाराणसी ।  10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...

आधुनिक आहार स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़

आज भारत में बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदल रहा है। बाज़ार में कई प्रकार के व्यंजन एवं पेय पदार्थ हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चाहे बच्चे हो, युवा हो या वयस्क सब लोग भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन का लुत्फ़ उठा रहे है पर सिर्फ़, जीभ के चलते हम अपने शरीर को अंदर से कितना खोखला कर रहे है। यह एक चिंतनीय विषय है। अगर वर्तमान समय में देखा जाये तो हमारे आस पास में अब पहले के तुलना में कई अधिक फ़ास्ट फ़ूड विक्रेता, फ़ूड स्टाल और रेस्तराँ खुल चुके है जहां हमें इटालियन से चाइनीज़ और मेक्सिकन से लेकर यूरोपियन ख़ान पान बहुत आराम से उपलब्ध हो जाता है और इन जगहों पर भीड़ हमे यह दर्शाता है की वाक़ई में अब हमारी ख़रीदने की क्षमता बहुत बढ़ चुकी हैं। बड़ी बड़ी पाश्चात्य कंपनियों का छोटे क़स्बो तक आउटलेट खुलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रशंसनीय पहल है पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह चिंतनीय है। आज आमजनों को कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, फैट की जानकारी, या बिलकुल नहीं है या बहुत कम है, पर हमारे शरीर को इसकी जानकारी भरपूर है और अपने पाचनतंत्र के लिए वो इनकी भूमिका भी...

कटिया मार चोरों की नई क्रांति – बिजली विभाग हुआ हलकान!

क्यो न लिखूं में सच: अरविंद उपाध्याय की कलम से कछवारोड,वाराणसी। बिजली विभाग समय समय पर नई योजना निकालता रहता है जिससे हर घर को 24 घंटे बिजली मिल सके,  लेकिन कटिया मार यूनियन ने इसे अपना अपमान समझ लिया और कहा “ हमारी परंपरा है कटिया मारना, मीटर देख-देख कर बिल भरना हमारी संस्कृति में नहीं!” गाँव में अब न केवल बिजली का तार झूल रहा है, बल्कि कटिया भी हवा में झूमते हुए तिरंगा जैसा लहरा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर छापेमारी करते है, पर कटिया मार चोरों का कहना है – “अरे साहब, आप छापा मारो, हम फिर से कटिया मारेंगे। यह हमारा स्टार्टअप है, हम इसे बंद नहीं कर सकते।” गाँव के चौराहे पर चर्चा है कि “बिजली चोरी अब कला बन चुकी है।” कई जगह तो बच्चों को बचपन से सिखाया जा रहा है कि सही तरीके से कटिया कैसे फेंकी जाए – जैसे क्रिकेट में गेंद फेंकना। अधिकारियों का कहना है कि मीटर से ज्यादा शिकायत अब कटिया कनेक्शन की आती है। बिजली विभाग के एक लाइनमैन ने तो यह भी कह डाला की हमारे पास जितनी शिकायतें कटिया की आती हैं, उतनी तो रिश्तेदारों की शादी में निमंत्रण नहीं आते!”