Skip to main content

वाराणसी में गरबा नाइट की आड़ में ठगी कार्यक्रम कैंसिल होने के बाद भी पैसे नहीं हुए रिटर्न-

वाराणसी। नौरात्रि के मौके पर आयोजित होने वाली एक गरबा नाइट का आयोजन ठगी का नया जरिया बन गया। इस आयोजन के नाम पर लोगों को पास बेच भारी रकम वसूली गई, लेकिन कार्यक्रम कभी आयोजित नहीं हुआ। आयोजिका वर्तिका सिंह ने "नवमी गरबा नाइट" नाम से पास जारी कर 200 से 500 रुपये तक की राशि ली। कार्यक्रम 6 अक्टूबर को शाम 5 बजे लंका स्थित एक लान में होना था, लेकिन पुलिस से अनुमति न मिलने के कारण यह आयोजन रद्द हो गया।


वाराणसी में "नवमी गरबा नाइट" के आयोजन के लिए धड़ल्ले से पास बेचे गए थे। आयोजकों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों के जरिए प्रचार किया और कई लोगों को आकर्षित किया। पास की कीमत 200 रुपये से 500 रुपये तक रखी गई थी। लोगों ने इस आयोजन में भाग लेने के लिए उत्साहपूर्वक पास खरीदे, लेकिन किसी को यह नहीं पता था कि इसके पीछे ठगी का खेल चल रहा है।

 आयोजन रद्द, पैसे लौटाने से इनकार- 

6 अक्टूबर को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए जब लोग तैयार हो रहे थे, तब उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस की अनुमति नहीं मिल पाने के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। जब लोगों ने अपने पैसे वापस लेने के लिए पास पर दिए गए मोबाइल नंबर और वर्तिका सिंह नामक आयोजक से संपर्क किया, तो उन्होंने साफ शब्दों में पैसे लौटाने से मना कर दिया। वर्तिका सिंह ने जवाब में कहा, "पैसा रिफंड नहीं होगा, जो करना है कर लो।" इस रवैये से लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

 पुलिस से अनुमति नहीं मिली- 

जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने पुलिस से पहले से अनुमति नहीं ली थी। अंतिम समय में जब यह बात सामने आई, तब पुलिस ने इस आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। 

आयोजकों के खिलाफ नाराजगी- 

इस पूरे प्रकरण से ठगे गए लोग अब आयोजकों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की योजना बनाई है। आयोजनकर्ता वर्तिका सिंह के अड़ियल रवैये से लोगों में गुस्सा है, जिन्होंने पैसे लौटाने से मना कर दिया और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया। 

यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है, जहां गरबा नाइट के नाम पर कई लोग ठगे गए। बिना पुलिस अनुमति के इस तरह के आयोजन करना पहले से ही संदेहास्पद था, और अब इस घटना ने आयोजकों की मंशा को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता बरतनी जरूरी है।



~टीम दैनिक दर्पण

Comments

Followers

Popular posts from this blog

आधुनिक आहार स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़

आज भारत में बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदल रहा है। बाज़ार में कई प्रकार के व्यंजन एवं पेय पदार्थ हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चाहे बच्चे हो, युवा हो या वयस्क सब लोग भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन का लुत्फ़ उठा रहे है पर सिर्फ़, जीभ के चलते हम अपने शरीर को अंदर से कितना खोखला कर रहे है। यह एक चिंतनीय विषय है। अगर वर्तमान समय में देखा जाये तो हमारे आस पास में अब पहले के तुलना में कई अधिक फ़ास्ट फ़ूड विक्रेता, फ़ूड स्टाल और रेस्तराँ खुल चुके है जहां हमें इटालियन से चाइनीज़ और मेक्सिकन से लेकर यूरोपियन ख़ान पान बहुत आराम से उपलब्ध हो जाता है और इन जगहों पर भीड़ हमे यह दर्शाता है की वाक़ई में अब हमारी ख़रीदने की क्षमता बहुत बढ़ चुकी हैं। बड़ी बड़ी पाश्चात्य कंपनियों का छोटे क़स्बो तक आउटलेट खुलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रशंसनीय पहल है पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह चिंतनीय है। आज आमजनों को कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, फैट की जानकारी, या बिलकुल नहीं है या बहुत कम है, पर हमारे शरीर को इसकी जानकारी भरपूर है और अपने पाचनतंत्र के लिए वो इनकी भूमिका भी...

सुमन ठाकुर का वाराणसी को बड़ा तोहफ़ा – एक साल में तैयार हुआ लोजीपार्क प्रोजेक्ट, हज़ारों युवाओं को रोज़गार

वाराणसी। नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुमन ठाकुर ने वाराणसी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने वाराणसी (कछवां रोड, बीहणा) को ओ.डब्ल्यू.एम. लोजीपार्क प्रोजेक्ट के लिए चुना और जमीनी स्तर पर उतरकर कड़ी मेहनत करते हुए मात्र एक वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार कर दिया। सुमन ठाकुर ने बताया कि यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा हुआ प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्हें कई बार वाराणसी का दौरा करना पड़ा और स्थानीय प्रशासन व टीम के साथ मिलकर हर चुनौती का समाधान किया। इस लोजीपार्क की स्थापना से हज़ारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और वाराणसी के आस-पास के इलाकों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोजीपार्क के माध्यम से बने कई वेयरहाउस से क्षेत्र को अनेक फायदे होंगे – माल के भंडारण और सप्लाई चेन में तेज़ी आएगी। परिवहन लागत और समय दोनों में बचत होगी। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को स्टोरेज और वितरण की बेहतर सु...

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे पर आर एस बनारस लॉ कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुन्दरपुर,वाराणसी ।  10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...