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वन माफ़िया व कछवां रोड पुलिस की मिलीभगत से काटे जा रहे हैं हरे पेड़

वन माफ़िया व कछवां रोड पुलिस की मिलीभगत से काटे जा रहे हैं हरे पेड़ 

वाराणसी:मिर्जामुराद थाना, कछवा रोड़ चौकी अंतरगत ग्राम गुड़िया

देवीय आपदाओं से बचाने के लिए वनों का संरक्षण तथा पेड़ -पौधे लगाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है लेकिन पेड़ों की कटाई को रोकना बड़ा मुश्किल है क्षेत्र की कछवा रोड़ चौकी पुलिस के संरक्षण से हरे पेड़ों की कटाई का क्रम जारी है ट्रैक्टर ट्राली पर लादकर लकड़ी को आरा मशीन पर पहुंचाया जा रहा है ऐसा नहीं है पुलिस विभाग अनजान है आरोप है कि लकड़ी माफिया पुलिस एवं विभागीय कर्मचारी मिलजुल कर हरे पेड़ की कटाई के खेल में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं अगर यही हालत रही तो वाराणसी के मिर्जामुराद क्षेत्र में जिस तरह पेड़ों की कटाई हो रही है पूरे जिले से पेड़ खाली हो जाएंगे पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पेड़ पौधों का होना आवश्यक है इसके लिए सरकार द्वारा बड़े-बड़े स्लोगन लिखवाये जाते हैं प्रचार -प्रसार किया जाता है पौधे लगाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं पर सच यह है कि पेड़ तो खूब लगते हैं पर वह देखरेख के अभाव में सूख जाते हैं वही पेड़ों की कटाई जोरों पर हो रही है हरे पेड़ पौधों की कटाई से अवैध कमाई तो लकड़ी माफियाओं के साथ-साथ पुलिस एवं वन विभाग को होती है पेड़ काटने वाले बताते हैं पुलिस लकड़ी माफिया से प्रति पेड़ मोटी रकम वसूलती है जिस तरह से क्षेत्र में पेड़ों की कटाई हो रही है इससे भयावाह परिणाम से आम आदमी की जिंदगी को भारी खतरा है पेड़ों की कटाई के कारण ऑक्सीजन जैसी आपदाओं का सामना व कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी  झेलनी पड़ी थी। तो वही किसान सूखे की चपेट में आकर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं वन विभाग के अधिकारी बिना जांच किए ही मोटी रकम लेकर के शांत बैठ जाते हैं उसके बाद प्रति पेड़ की दर से पुलिस भी मोटी रकम वसूल आंख बंद कर पेड़ काटने की खुली छूट दे देती है और जिंदा पेड़ों की हत्या करवा देती है।



@टीम दैनिक दर्पण

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