Skip to main content

अपना अपराध छिपाने के लिए लगाया जा रहा आरोप थानाध्यक्ष के ऊपर



पुलिस को षड्यंत्र में फसाने की साजिश 
सुरेरी,जौनपुर। सुरेरी थाना क्षेत्र के कथित पत्रकारों की धमक। कुछ कथित पत्रकारों ने थाना अध्यक्ष सहित थाने के सिपाहियों के ऊपर और उप निरीक्षको के ऊपर झूठा आरोप लगाना शुरू किया मामला  जगदीशपुर गांव का है जगदीशपुर गांव में बीते कुछ दिन पहले कुछ अवांछित तत्वों द्वारा एक कमजोर परिवार के ऊपर जहां पर केवल एक महिला व एक बच्ची रहती है मां बेटी अकेले दिवाली के दिन सफाई कर रही थी उसी समय अचानक कुछ अवांछित तत्व मां बेटी को भद्दी भद्दी गाली देते हुए उनके साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार करते हुए क्रूरता पूर्वक नजर डालें छेड़छाड़ किए जिससे आघात होकर पीड़ित पक्ष ने थाने जाकर प्रार्थना पत्र दिया प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही होते देख कथित पत्रकारों ने चोरी का खबर चलाने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष को गुमराह करने का मुहिम छेड़ दिया अब देखना यह है कि क्या अपराधी को अपराध का दंड मिलता है या नहीं । प्रशासनिक विभाग को इस तरह गुमराह करने वाले दोषियों (अपराधियों) को अपराध का दंड भुगतना पड़ता है या नहीं। वही क्षेत्र की जनता का कहना है कि अपराध का दंड अपराधियों को अवश्य भोगना पड़ेगा । क्षेत्र वासियों में चर्चा का विषय बना रहा कि अपने को पत्रकार बताने वाले लोग इस तरह गलत करते हुए पुलिस को लपेटने का कोशिश कर रहे हैं।कलम की ताकत का गलत इस्तेमाल होगा? वही शासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ अवश्यक कार्यवाही होगी योगी सरकार है किसी प्रकार या किसी की सरकार नहीं है योगी सरकार है कार्यवाही कड़ी से कड़ी होगी। वही क्षेत्र में चर्चा व्याप्त है कि देखना यह है कि शासन या पुलिस विभाग दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करती है या नहीं । वही क्षेत्र की जनता में एक चर्चा बना हुआ है कि इसी तरह कोई पत्रकार कोई नेता कोई समाजसेवी बनकर इस तरह का कुकृत्य करता है तो क्या पुलिस विभाग उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही नहीं करेगी ये तो सरासर गुंडई है।न्यूज की आड़ में ये क्या है? किसी के खबर चलाने पर क्या पुलिस डर जाएगी योगी सरकार है बाबा होशियार रहो अपराधियों के खिलाफ अवश्य कार्यवाही होगी यह जनता का कथन है।

Comments

  1. दमदार खबर प्रकाशन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद बड़े भाई आपको बड़ी प्रसन्नता हुई आपकी खबर पढ़कर |

    ReplyDelete

Post a Comment

Followers

Popular posts from this blog

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे पर आर एस बनारस लॉ कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुन्दरपुर,वाराणसी ।  10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...

आधुनिक आहार स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़

आज भारत में बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदल रहा है। बाज़ार में कई प्रकार के व्यंजन एवं पेय पदार्थ हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चाहे बच्चे हो, युवा हो या वयस्क सब लोग भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन का लुत्फ़ उठा रहे है पर सिर्फ़, जीभ के चलते हम अपने शरीर को अंदर से कितना खोखला कर रहे है। यह एक चिंतनीय विषय है। अगर वर्तमान समय में देखा जाये तो हमारे आस पास में अब पहले के तुलना में कई अधिक फ़ास्ट फ़ूड विक्रेता, फ़ूड स्टाल और रेस्तराँ खुल चुके है जहां हमें इटालियन से चाइनीज़ और मेक्सिकन से लेकर यूरोपियन ख़ान पान बहुत आराम से उपलब्ध हो जाता है और इन जगहों पर भीड़ हमे यह दर्शाता है की वाक़ई में अब हमारी ख़रीदने की क्षमता बहुत बढ़ चुकी हैं। बड़ी बड़ी पाश्चात्य कंपनियों का छोटे क़स्बो तक आउटलेट खुलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रशंसनीय पहल है पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह चिंतनीय है। आज आमजनों को कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, फैट की जानकारी, या बिलकुल नहीं है या बहुत कम है, पर हमारे शरीर को इसकी जानकारी भरपूर है और अपने पाचनतंत्र के लिए वो इनकी भूमिका भी...

कटिया मार चोरों की नई क्रांति – बिजली विभाग हुआ हलकान!

क्यो न लिखूं में सच: अरविंद उपाध्याय की कलम से कछवारोड,वाराणसी। बिजली विभाग समय समय पर नई योजना निकालता रहता है जिससे हर घर को 24 घंटे बिजली मिल सके,  लेकिन कटिया मार यूनियन ने इसे अपना अपमान समझ लिया और कहा “ हमारी परंपरा है कटिया मारना, मीटर देख-देख कर बिल भरना हमारी संस्कृति में नहीं!” गाँव में अब न केवल बिजली का तार झूल रहा है, बल्कि कटिया भी हवा में झूमते हुए तिरंगा जैसा लहरा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर छापेमारी करते है, पर कटिया मार चोरों का कहना है – “अरे साहब, आप छापा मारो, हम फिर से कटिया मारेंगे। यह हमारा स्टार्टअप है, हम इसे बंद नहीं कर सकते।” गाँव के चौराहे पर चर्चा है कि “बिजली चोरी अब कला बन चुकी है।” कई जगह तो बच्चों को बचपन से सिखाया जा रहा है कि सही तरीके से कटिया कैसे फेंकी जाए – जैसे क्रिकेट में गेंद फेंकना। अधिकारियों का कहना है कि मीटर से ज्यादा शिकायत अब कटिया कनेक्शन की आती है। बिजली विभाग के एक लाइनमैन ने तो यह भी कह डाला की हमारे पास जितनी शिकायतें कटिया की आती हैं, उतनी तो रिश्तेदारों की शादी में निमंत्रण नहीं आते!”