मिर्जामुराद । समाजवादी आन्दोलन के पुरोधा, भारतीय राजनीति के स्तम्भ, दृढ़ इच्छा शक्ति वाले राजनेता, पूर्व रक्षामंत्री भारत सरकार एवं पूर्व मुख्यमंत्री उ०प्र० समाजवादी पार्टी के संस्थापक धरती पुत्र मुलायम सिंह के आकस्मिक निधन पर लोकबंधु राजनारायण जी द्वारा स्थापित डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी. कालेज भैरवतालाब राजातालाब वाराणसी में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में लोकबन्धु राजनारायण के ज्येष्ठ पुत्र डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी. कालेज भैरवतालाब राजातालाब वाराणसी कालेज के संरक्षक राधेमोहन सिंह जी ने कहा कि मुलायम सिंह का निधन भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति हैं जिसकी भरपाई नही कि जा सकती है। उनके पौत्र एवं इस महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह उर्फ तोयज कुमार ने कहा कि नेता जी की कथनी एवं करनी में अन्तर नहीं था दृढ़ इच्छा शक्ति वाले नेता थे, नेता जी एक छोटे से गाँव सैफई से उठकर भारतीय राजनीति को एक नई पहचान दी। शोक सभा में पूर्व प्राचार्य डॉ. अरूण कुमार राय, महाविद्यालय के निदेशक डॉ. अविनाश राय, डॉ. सुमन लता देवी, डॉ. सुनील दूबे, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. अखिलेश्वर तिवारी, डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. माया सिंह, एडवोकेट मनीष कुमार सिंह, एडवोकेट सुरेश कुमार सिंह, गुरू दयाल गुप्ता सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे। शोक सभा का संचालन महाविद्यालय के चीफ प्राक्टर डॉ. कृपा शंकर पाठक ने किया।
सुमन ठाकुर का वाराणसी को बड़ा तोहफ़ा – एक साल में तैयार हुआ लोजीपार्क प्रोजेक्ट, हज़ारों युवाओं को रोज़गार
वाराणसी। नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुमन ठाकुर ने वाराणसी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने वाराणसी (कछवां रोड, बीहणा) को ओ.डब्ल्यू.एम. लोजीपार्क प्रोजेक्ट के लिए चुना और जमीनी स्तर पर उतरकर कड़ी मेहनत करते हुए मात्र एक वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार कर दिया। सुमन ठाकुर ने बताया कि यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा हुआ प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्हें कई बार वाराणसी का दौरा करना पड़ा और स्थानीय प्रशासन व टीम के साथ मिलकर हर चुनौती का समाधान किया। इस लोजीपार्क की स्थापना से हज़ारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और वाराणसी के आस-पास के इलाकों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोजीपार्क के माध्यम से बने कई वेयरहाउस से क्षेत्र को अनेक फायदे होंगे – माल के भंडारण और सप्लाई चेन में तेज़ी आएगी। परिवहन लागत और समय दोनों में बचत होगी। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को स्टोरेज और वितरण की बेहतर सु...
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