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वाराणसी सेवापुरी के लाल गाजीपुर में किये कमाल मेजर जनरल जे एस बैंसला ने बुलाकर किये सम्मानित : Case Study by SHIVANSH Tripathi

शहीद वीर अब्दुल हमीद के जीवनी से एवं राष्टीय भावना से ओत प्रोत होकर वाराणसी के अदमापुर महनाग निवासी सुबेदार यादव जो एन सी सी धारक छात्र है ने परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की वीरता पूर्ण कहानी से प्रभावित होकर उनके पैत्रृक गाँव घामूपुर जखनियाँ गाजीपुर पहुच कर वहा स्थापित उनके शहीद स्मारक का कायाकल्प करने का बीड़ा उठाया। जहां पर शहीद वीर अब्दुल हमीद के प्रतिमा के उपर छत निर्माण बनाने की लालसा लेकर मंडलायुक्त वाराणसी से अनुमति लिया और हमीद पार्क धामूपुर में हमीद जी के मूर्ति के उपर छत बनाने का कार्य पूरा कराया। अपना पैसा लगाकर जब कम पड़े तो लोगो से सहयोग लेकर पक्का छत का निर्माण पूर्ण किये। छत बन जाने से काफी सुशोभित और सुविधाजनक एंव सम्मान बढ़ना क्षेत्र में चरचा का बिषय बना हुवाँ है इसके लिए सुबेदार यादव को मेजर जनरल जे एस बैंसला ने शहीद वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस पर मोमेंटो देकर सम्मानित किये 
सुबेदार यादव को एन सी सी से ही इनके अन्दर समाज सेवा और देश सेवा का भाव उत्पन्न हुआ। सुबेदार यादव का कहना है कि मै आर्मी को अपना गुरु और आदर्श मानता हुँ इनसे ही हमलोग एन सी सी का ट्रेनिंग लिए है इस कार्य को पूरा करने में काफी परेशानी का सामना भी करना पडा़ जैसे, पार्क में लगे खुले टीनशैड में मच्छरो के प्रकोप के बिच किसी तरह से रात बिताया जाता था भोजन का भी कोई बेवस्था नही था सुबेदार यादव से जब मन की बात जानने का प्रयास किया गया तो उन्होने बताया कि इरादा यहाँ तक है पार्क में ऐसा कार्य कर दिखाऊ कि लोग याद करेंगे। 
 सुबेदार यादव ने समाज सेवक बनने की ललक पर उन्होने बताया कि समाज सेवा का भावना बचपन से ही था परंतु रफ्तार एन सी सी के पढ़ाई के बाद बढी़।एन सी सी धारक छात्र सूबेदार यादव ने अब तक बी0एच0यू0 ट्रामासेन्टर स्थित परिसर में टीनशैड अनुदान दिये और खुद के गाँव अदमापुर महनाग वाराणसी में अपना खेत गिरवी रख कर वृहद व्यायामशाला बनवाना इसके अलावा बेजूवानो के प्रति मानवीय आत्मीयता की बात करे अथवा आदिवासी अशिक्षित समाज में शिक्षा की लौ जगाने की सबके सब वेमिसाल है। यहाँ तक की समाज सेवक सुबेदार यादव देश की आधी आवादी नारी समाज के प्रशिक्षण वास्ते अपना घर निःशुल्क प्रशाशन को देना जैसे कई हैरतअगेज कारनामें है।सुबेदार यादव किसी परिचय के मोहताज नही है ।

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