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बिना ‘फायर एनओसी’ के भर्ती नहीं होंगे नये मरीज


 फायर एनओसी बनवाने में आ रही दिक्कतों का होगा समाधान
 आई एम ए में नर्सिंगहोम संचालकों के साथ जिला प्रशासन की हुई बैठक
    वाराणसी, 10 सितम्बर

प्राइवेट नर्सिंगहोम संचालकों के साथ हुई बैठक में जिला प्रशासन ने आज एक बार फिर स्पष्ट किया कि अस्पतालों के लिए ‘फायर एनओसी अनिवार्य है। फायर एनओसी बनवाने में यदि कोई अड़चन आ रही है तो उसका समाधान किया जायेगा लेकिन बिना फायर एनओसी के नये मरीज भर्ती नहीं किये जा सकेगे।
 *जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा* के निर्देशानुसार आई एम ए सभागार में फायर एनओसी को लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम संचालकों के साथ बैठक की गयी। बैठक में एडीएम सिटी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ ही नोडल अधिकारी पंजीयन डा. पीयूष राय व आईएमए अध्यक्ष, सचिव व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अग्निशमन एनओसी में आ रही दिक्कतों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुर्इ। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने आवश्यक मानक व्यवस्था की एक सूची भी सभी को उपलब्ध कराया। साथ ही पीपीटी के माध्यम से अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों एवं आग लगने के समय बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने चिकित्सकों को आ रही दिक्कतों के संबंध में उनसे वार्ता हेतु समय व स्थल भी निर्धारित किया। बैठक में एडीएम सिटी ने जिलाधिकारी द्वारा चिकित्सालयों के अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में दिये गये निर्देशों की जानकारी दी और बताया कि जिन चिकित्सालयों में फायर एनओसी नहीं है वह जब तक फायर एनओसी नहीं ले ले रहे हैं तब तक नए मरीज भर्ती नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों एवं चिकित्सालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी को हमेशा सहयोग देने एवं जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने पंजीयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और चिकित्सकों द्वारा पूछे गए सवालों का विस्तार से जवाब दिया।
बैठक में नोडल अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डा. पीयूष राय ने समस्त चिकित्सकों को निक्षय पोर्टल से जुड़ने एवं सभी टी बी के मरीजों का नोटिफिकेशन अनिवार्य रूप से किए जाने एवं राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटन की गई टीबी के इलाज के बारे में नई रणनीति के विषय में जानकारी दी। धन्यवाद ज्ञापन आईएमए अध्यक्ष ने किया।

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