Skip to main content

काशी की धरती पर क्रांतिकारी पत्रकारों का हुआ आगाज : आदर्श पत्रकार संघ

बढ़ता कारवा आदर्श पत्रकार संघ का...

सच्ची कर्म की पूजा सभी जगह होती है...

देश में अनेकानेक संगठन संचालित हो रहे हैं पत्रकारों के हित के लिए कहीं न कहीं सरकार भी बयानबाजी करती नजर आती है लेकिन जमीनी स्तर पर ना ही कोई संगठन ना ही कोई सरकार सचेत नजर आ रही है दिन प्रतिदिन पत्रकारों की हालात और दशा और खराब होती जा रही है वर्तमान के दिनों में यदि बात करें तो आज सब lसे बेहाल पत्रकार नजर आता है चाहे उसकी परिवार की सुरक्षा की बात आए चाहे उसके हित की बात हो चाहे उसकी भत्ते की बात है कोई भी उसके साथ खड़ा नजर नहीं आता है लेकिन समाज पत्रकार को आज भी सर्वत्र पूछता है, खोजता है और उम्मीद लगाए बैठा है होने वाला सवेरा उगने वाला सूरज कलम की स्याही से कुरेदकर पन्नों पर बिखेरा जाता है !जबकि सरकार और जिम्मेदार हुक्मरानों ने पत्रकार को अपने जेब का बटुआ घर का पहरेदार बना दिया है !सच्चाई लिखने वाले पत्रकारों का आज सिर्फ मात्र शोषण और दोहन हो रहा है उनके खिलाफ रची रचीई साजिश के द्वारा षड्यंत्र का शिकार बनाया जा रहा है !

क्रांतिकारी पत्रकारों ने अपने कंधों पर एक जिम्मेदारी लेते हुए आदर्श पत्रकार संघ को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में अलग-अलग राज्यों में खुद को स्थापित करने के लिए जंग छेड़ दी है !जहां कलमकार एक समान रूप से देखा जाएगा ना कोई बड़ा ना कोई छोटा सभी का सम्मान एक दूसरे का धर्म होगा आदर्श पत्रकार संघ का आगाज होने के बाद कई संगठनों में चर्चा गर्म है आखिर यह संगठन शुद्ध नियति से इतनी तेजी से अपनी प्रचार-प्रसार व्यापक स्तर पर करने में कैसे सफल हो रहा है ?? लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि हम ना किसी की बुराई करते हैं ना करेंगे बल्कि अपने साथियों का सानिध्य के साथ देश हित समाज सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए पूरी संगठन निर्वहन करने के लिए बाध्य हैं और समाज के किसी तपके की आवाज बनने की पुरजोर कोशिश जीवंत रूप से संगठन की तरफ से होता रहेगा !
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आदर्श पत्रकार संघ के क्रांतिकारी पत्रकारों का हुआ बैठक जिसमें जिले भर के तमाम क्रांतिकारी पत्रकारों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा आदर्श पत्रकार संघ के पत्रकारों ने कहा कि हम सभी सच्चाई के प्रति समाज में उठ रहे आवाज को उठाना है तथा देश प्रदेश में भ्रष्टाचारियों को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना है तथा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्णा पंडित जी ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं सरकार केवल वादे ही करती है करती कुछ नहीं है प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री इत्यादि लोगों द्वारा पत्रकार की समस्याओं पर अलग-अलग स्टेटमेंट वादे दिए गए हैं लेकिन धरातल पर देखा जाए तो आए दिन पत्रकार का शोषण होता है जिस पर कोई अधिकारी या मंत्री पत्रकार की मदद नही करते है पुरजोर विरोध करते हुए पत्रकारों की लड़ाई निरंतर लड़ने का कार्य किया जायेगा !! 
               

Comments

Followers

Popular posts from this blog

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे पर आर एस बनारस लॉ कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुन्दरपुर,वाराणसी ।  10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...

आधुनिक आहार स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़

आज भारत में बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदल रहा है। बाज़ार में कई प्रकार के व्यंजन एवं पेय पदार्थ हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चाहे बच्चे हो, युवा हो या वयस्क सब लोग भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन का लुत्फ़ उठा रहे है पर सिर्फ़, जीभ के चलते हम अपने शरीर को अंदर से कितना खोखला कर रहे है। यह एक चिंतनीय विषय है। अगर वर्तमान समय में देखा जाये तो हमारे आस पास में अब पहले के तुलना में कई अधिक फ़ास्ट फ़ूड विक्रेता, फ़ूड स्टाल और रेस्तराँ खुल चुके है जहां हमें इटालियन से चाइनीज़ और मेक्सिकन से लेकर यूरोपियन ख़ान पान बहुत आराम से उपलब्ध हो जाता है और इन जगहों पर भीड़ हमे यह दर्शाता है की वाक़ई में अब हमारी ख़रीदने की क्षमता बहुत बढ़ चुकी हैं। बड़ी बड़ी पाश्चात्य कंपनियों का छोटे क़स्बो तक आउटलेट खुलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रशंसनीय पहल है पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह चिंतनीय है। आज आमजनों को कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, फैट की जानकारी, या बिलकुल नहीं है या बहुत कम है, पर हमारे शरीर को इसकी जानकारी भरपूर है और अपने पाचनतंत्र के लिए वो इनकी भूमिका भी...

कटिया मार चोरों की नई क्रांति – बिजली विभाग हुआ हलकान!

क्यो न लिखूं में सच: अरविंद उपाध्याय की कलम से कछवारोड,वाराणसी। बिजली विभाग समय समय पर नई योजना निकालता रहता है जिससे हर घर को 24 घंटे बिजली मिल सके,  लेकिन कटिया मार यूनियन ने इसे अपना अपमान समझ लिया और कहा “ हमारी परंपरा है कटिया मारना, मीटर देख-देख कर बिल भरना हमारी संस्कृति में नहीं!” गाँव में अब न केवल बिजली का तार झूल रहा है, बल्कि कटिया भी हवा में झूमते हुए तिरंगा जैसा लहरा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी अक्सर छापेमारी करते है, पर कटिया मार चोरों का कहना है – “अरे साहब, आप छापा मारो, हम फिर से कटिया मारेंगे। यह हमारा स्टार्टअप है, हम इसे बंद नहीं कर सकते।” गाँव के चौराहे पर चर्चा है कि “बिजली चोरी अब कला बन चुकी है।” कई जगह तो बच्चों को बचपन से सिखाया जा रहा है कि सही तरीके से कटिया कैसे फेंकी जाए – जैसे क्रिकेट में गेंद फेंकना। अधिकारियों का कहना है कि मीटर से ज्यादा शिकायत अब कटिया कनेक्शन की आती है। बिजली विभाग के एक लाइनमैन ने तो यह भी कह डाला की हमारे पास जितनी शिकायतें कटिया की आती हैं, उतनी तो रिश्तेदारों की शादी में निमंत्रण नहीं आते!”