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संस्कार व संस्कृति को भूलने से हो रहा नैतिकता हरास - संत श्रीभूषण •••• वेदांत एवं राष्ट्रीयता पर प्रवचन का आयोजन सकुशल संपन्न -- दैनिक दर्पण, वाराणसी



मिर्ज़ामुराद। स्थानीय क्षेत्र के चित्रसेनपुर गाँव में विवेकानंद वैदिक सनातन शक्तिपीठ के तत्वाधान में चल रहे व्यवहारिक वेदांत एवं राष्ट्रीयता पर आधारित कार्यक्रम में उपस्थित सन्त श्री भूषण भाई ने कहा कि वर्तमान समय मे समाज के लोग अपने संस्कृति व संस्कार को भूलते जा रहे हैं जिससे नैतिकता का हरास हो रहा है इस स्थिति में संतो के द्वारा वैदिक कथा-पुराण के प्रवचनों से अनुग्रहित किया जाना अति आवश्यक है तभी जागृति पैदा होगी। चित्रसेनपुर में शक्तपीठ साधक परिवार के द्वारा 11 दिन से महंत श्री भूषण भाई जी ने शास्त्रों और पुराणों के द्वारा समाज को अपने प्रवचनों द्वारा संदेश दिया और साथ स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को अनुसरण करने की आवश्यकता बताया। भारत वर्ष में अलग अलग स्थानों पर व्यवहारिक वेदांत एवं राष्ट्रीयता पर आधारित कार्यक्रम कर के महंत श्री भूषण भाई जी ने लोगो को जागरूक करते आ रहे है। 20 अगस्त शनिवार से यह कार्यक्रम प्रारंभ हो कर आज 31 अगस्त दिन बुधवार को समापन हुआ इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। सेवादल में हरिशंकर पटेल, लालजी (मुखिया), सोनू,शीतला रवि पांडेय , शिवांश राजकुमार गुप्ता विनय पाण्डेय, दशरथ सिंह, पप्पू केशरी, इंद्र कुमार रस्तोगी, किशन आदि भक्तों ने भंडारे का प्रसाद वितरण किया।

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