मिर्जामुराद । क्षेत्र के एक गाँव मे सोमवार को विवाहित दो बच्चों का बाप जो पद में जीजा लगता है। प्रेम परवान चढ़ा तो सम्पर्क में रहने वाली विवाहिता साली को एक पखवाड़े पहले भगा ले गया। इधर परेशान परिजनों ने दबाव बनाया तो दोनों प्रेमी, प्रेमिका वापस लौट आये। इसके मद्देनजर आयोजित पंचायत में प्रेमिका अपने प्रेमी जीजा के साथ रहने पर अड़ी रही। वही अपने दो बच्चों सहित मौजूद पत्नी के सामने ही प्रेमी अपने प्रेमिका साली व पंचो के बीच माफी मांगने लगा और कहने लगा मुझसे गलती हो गई। इस एकतरफा प्यार से झल्लाई प्रेमिका सबके सामने ही अपने प्रेमी जीजा का चप्पलों से जमकर धुनाई के साथ ही रोने चिल्लाने लगी और आरोप लगाई की मुझे बहला फुसलाकर तीन अदद रकम भी ऐठ लिया है। इस दरम्यान पंचायत में शादी शुदा होने के नाते प्रेमी को अपने पत्नी व बच्चों के साथ रहने तथा प्रेमिका से ऐंठे गए रकम व प्रेमिका के अन्यत्र होने वाले शादी का खर्च वहन करने के निर्यण पर घण्टो माथापच्ची चलता रहा। सूचना पर पहुंची डायल 112 नंबर की पुलिस ने बीच बचाव किया। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
सुन्दरपुर,वाराणसी । 10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...
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