सिद्धार्थनगर। जिले में शनिवार देर रात भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नौगढ़ बांसी मार्ग पर स्थित कटया गांव के पास देर रात सड़क के किनारे खराब खड़े ट्रेलर में पीछे से बोलेरो ने टक्कर मार दी. हादसे में 8 बारातियों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए. टक्कर इतनी तेज थी बोलेरो का जर्रा जर्रा उड़ गया. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है. उधर घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के महला गांव से शनिवार को बांसी कोतवाली क्षेत्र में एक गांव में बरात गई थी. बताया जा रहा है कि देर रात बराती कार्यक्रम संपन्न होने के बाद घर लौट रहे थे. अभी वह जोगिया कोतवाली क्षेत्र के नौगढ़ बांसी मार्ग पर स्थित कटया गांव के पास पहुंचे ही थे कि पहले से सड़क के किनारे खराब खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी की बोलेरो के परखच्चे उड़ गए. हादसे में हुई तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. इसके बाद मामले की जानकारी जोगिया कोतवाली की पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने किसी तरीके से सभी को बाहर निकाला गया. उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 8 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सुमन ठाकुर का वाराणसी को बड़ा तोहफ़ा – एक साल में तैयार हुआ लोजीपार्क प्रोजेक्ट, हज़ारों युवाओं को रोज़गार
वाराणसी। नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुमन ठाकुर ने वाराणसी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने वाराणसी (कछवां रोड, बीहणा) को ओ.डब्ल्यू.एम. लोजीपार्क प्रोजेक्ट के लिए चुना और जमीनी स्तर पर उतरकर कड़ी मेहनत करते हुए मात्र एक वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार कर दिया। सुमन ठाकुर ने बताया कि यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा हुआ प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्हें कई बार वाराणसी का दौरा करना पड़ा और स्थानीय प्रशासन व टीम के साथ मिलकर हर चुनौती का समाधान किया। इस लोजीपार्क की स्थापना से हज़ारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और वाराणसी के आस-पास के इलाकों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोजीपार्क के माध्यम से बने कई वेयरहाउस से क्षेत्र को अनेक फायदे होंगे – माल के भंडारण और सप्लाई चेन में तेज़ी आएगी। परिवहन लागत और समय दोनों में बचत होगी। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को स्टोरेज और वितरण की बेहतर सु...
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