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आशा ट्रस्ट ने दर्जनों गाँव में 1500 महिलाओं को बाँटा सेनेटरी पैड


महिलाओं के बीच सैनेटरी पैड बाँटकर किया जागरूक
 जब माँ बनने पर गर्व है, फिर माहवारी पर क्यों शर्म है।

 मिर्जामुराद : आशा ट्रस्ट व लोक समिति के माध्यम से मासिक धर्म के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री संसदीय क्षेत्र के आराजी लाईन व सेवापुरी ब्लाक के नागेपुर, बेनीपुर,हरसोस, राने,बसुहन,कल्लीपुर, गनेशपुर, मनकईया, करधना,लालपुर,हरसोस,टोडरपुर,असवारी आदि गाँव में 1500 महिलाओं एवं लड़कियों को नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन वितरित किया गया. इस दौरान महिलाओं को पर्चा बाँटकर मासिक धर्म के बारे में जानकारी दी गयी.

स्वयं सहायता समूह की संयोजिका अनीता पटेल ने बताया कि “मासिक धर्म को लेकर लोगों में शर्म, गरीबी और मासिक धर्म के दौरान भेदभाव करने वाली सोच की वजह से महिलाओं और बालिकाओं के शरीर तथा मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है.”किशोरी संगठन की संयोजिका सोनी ने कहा कि हर लड़कियों और महिलाओं को सुरक्षित और गरीबों के साथ मासिक धर्म का प्रबंधन करने में मदद करना चाहिए.

लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने बताया कि गरीब घरों की लड़कियों में अपने मासिक धर्म के दौरान पैसे की कमी की वजह से सेनेटरी नैपकिन पैड का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं.इसलिये माहवारी स्वच्छता अभियान चलाकर महिलाओं को स्वास्थ्य एवं मासिक धर्म से संबंधित जानकारियां देकर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। अभियान विश्व माहवारी दिवस 28 मई तक चलेगा। 


~ब्यूरो वाराणसी 

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