बदतमीजी की हदें पार कर दि कछवांरोड,चित्रसेनपुर, ठटरा(वाराणसी) यूनियन बैंक शाखा के कर्मचारी लोग,अच्छी नहीं है ATM और बैंकिंग सर्विस, आरबीआई का लगता है कोई कमांड नहीं यूनियन बैंक पर,बैंक के बिचारे ग्राहकों का कहना है कि जब भी हम लोग बैंक जाते हैं 3:00 बजे ही बैंक बंद कर दिया जाता है। बैंक धारकों से गेट पर खड़े हो 3:00 बजे के बाद टैक्स वसूली चालू होती है,अंदर किसी को नहीं लिया जाता है लेन-देन में यूनियन बैंक कर्मचारी बेहद लापरवाही करते हैं खाता खोलते समय आधार कार्ड लिंक नहीं कर रहे हैं,लिंक करने के लिए पैसा की मांग कर रहे हैं जिनसे ग्राहक बहुत परेशान हो रहा है,अधिकतर बैंक की प्रिंटिंग मशीन भी खराब ही रहती हैं या यह प्रिंट नही करते यह तो बैंक कर्मचारी जाने,बिचारा लाचार ग्राहक समय निकाल कर बैंक जाए तो बैंक वाले चक्कर कटवा डाले और सीधे मुंह बात तक नहीं करते यूनियन बैंक के कर्मचारी।उसी में कुछ दलाल घुसपेठ बना चुके है।कर्मचारी बाबू,कैशियर बाबू,मैनेजर सारे लोग,बैंक ग्राहकों को परेशान करने में लगे रहते हैं कोई किसी से बात नहीं करता ग्राहक बिचारा चिल्लाते चिल्लाते परेशान अगर इसी तरह होता रहा तो बैंक के काफी ग्राहक शाखा से मुंह मोड़ लेंगे वही क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसे बैंक में जाने से क्या फायदा यहां के कर्मचारी बेहद हिंदुस्तान के सबसे बदतमीज ओं में नजर आते हैं।
सुमन ठाकुर का वाराणसी को बड़ा तोहफ़ा – एक साल में तैयार हुआ लोजीपार्क प्रोजेक्ट, हज़ारों युवाओं को रोज़गार
वाराणसी। नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुमन ठाकुर ने वाराणसी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने वाराणसी (कछवां रोड, बीहणा) को ओ.डब्ल्यू.एम. लोजीपार्क प्रोजेक्ट के लिए चुना और जमीनी स्तर पर उतरकर कड़ी मेहनत करते हुए मात्र एक वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार कर दिया। सुमन ठाकुर ने बताया कि यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा हुआ प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्हें कई बार वाराणसी का दौरा करना पड़ा और स्थानीय प्रशासन व टीम के साथ मिलकर हर चुनौती का समाधान किया। इस लोजीपार्क की स्थापना से हज़ारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और वाराणसी के आस-पास के इलाकों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोजीपार्क के माध्यम से बने कई वेयरहाउस से क्षेत्र को अनेक फायदे होंगे – माल के भंडारण और सप्लाई चेन में तेज़ी आएगी। परिवहन लागत और समय दोनों में बचत होगी। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को स्टोरेज और वितरण की बेहतर सु...
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