बदतमीजी की हदें पार कर दि कछवांरोड,चित्रसेनपुर, ठटरा(वाराणसी) यूनियन बैंक शाखा के कर्मचारी लोग,अच्छी नहीं है ATM और बैंकिंग सर्विस, आरबीआई का लगता है कोई कमांड नहीं यूनियन बैंक पर,बैंक के बिचारे ग्राहकों का कहना है कि जब भी हम लोग बैंक जाते हैं 3:00 बजे ही बैंक बंद कर दिया जाता है। बैंक धारकों से गेट पर खड़े हो 3:00 बजे के बाद टैक्स वसूली चालू होती है,अंदर किसी को नहीं लिया जाता है लेन-देन में यूनियन बैंक कर्मचारी बेहद लापरवाही करते हैं खाता खोलते समय आधार कार्ड लिंक नहीं कर रहे हैं,लिंक करने के लिए पैसा की मांग कर रहे हैं जिनसे ग्राहक बहुत परेशान हो रहा है,अधिकतर बैंक की प्रिंटिंग मशीन भी खराब ही रहती हैं या यह प्रिंट नही करते यह तो बैंक कर्मचारी जाने,बिचारा लाचार ग्राहक समय निकाल कर बैंक जाए तो बैंक वाले चक्कर कटवा डाले और सीधे मुंह बात तक नहीं करते यूनियन बैंक के कर्मचारी।उसी में कुछ दलाल घुसपेठ बना चुके है।कर्मचारी बाबू,कैशियर बाबू,मैनेजर सारे लोग,बैंक ग्राहकों को परेशान करने में लगे रहते हैं कोई किसी से बात नहीं करता ग्राहक बिचारा चिल्लाते चिल्लाते परेशान अगर इसी तरह होता रहा तो बैंक के काफी ग्राहक शाखा से मुंह मोड़ लेंगे वही क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसे बैंक में जाने से क्या फायदा यहां के कर्मचारी बेहद हिंदुस्तान के सबसे बदतमीज ओं में नजर आते हैं।
सुन्दरपुर,वाराणसी । 10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...
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