कछवाँरोड,वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कछवाँरोड चौकी प्रभारी उमेश चन्द विश्वकर्मा व कस्बा चौकी प्रभारी बीरेन्द्र कुमार अपने पूरी टीम के साथ मां दुर्गा पूजा पंडाल का निरंतर निरीक्षण करते रहे मेले में किसी प्रकार का कोई दिक्कत ना हो उसके लिए जगह-जगह महिला कांस्टेबल भी लगाए रहे। जूनियर हाईस्कूल,कछवाँरोड (ठटरा) शिक्षा के स्थान मां सरस्वती के पावन प्रांगण मे हर साल जगत जननी माँ आदिशक्ति मां दुर्गा का पंडाल सजाया जाता है जहां मां की भव्य मूर्ति स्थापित की जाती है और मां दुर्गा की प्रतिदिन विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना कर माता रानी का दरवार खोला जाता है। जहां प्रधान पुजारी आचार्य श्री श्यामबहादूर दूबे जी,पुजारी जय यादव,फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष शमशेर बिंद,पत्रकार सन्दीप दुबे, पत्रकार शिवम् उपाध्याय,पत्रकार अनुज दूबे,सुशील जयसवाल,सन्तराम गुप्ता, राम जी,बृजेश कुमार,अभिषेक पांडेय,जयकेश दूबे,रामधनी गुप्ता,सुरेन्दर वर्मा,रामतीर्थ,युवा ग्राम प्रधान सुनील बिंद,अतिश बिंद,विश्वास केशरी,सहित सभी पदाधिकारी,व्यापारीगण, ग्रामवासी व क्षेत्रवासि एवं मां दुर्गा के भक्त मौजूद रहते है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मां सरस्वती के इस प्रांगण में बहुत पहले से दुर्गा पूजन का कार्य नवरात्र में चलता चला आ रहा है। जहां हर वर्ष फ्रेंड्स क्लब कछवाँरोड के सदस्य पंडाल के कार्य का निष्पादन सक्रियता से करते है।
सुन्दरपुर,वाराणसी । 10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...
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