Skip to main content

लेखपाल राधेश्याम पर लगा गंभीर आरोप,पैसे लेकर कोर्ट में चल रही सम्पत्ति का किया वरासत

न्यायालय विचाराधीन सम्पत्ति का किया वरासत 

 डोमैला लेखपाल राधेश्याम शक के दायरे में है जबसे उन्होंने कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सम्पत्ति का भी वरासत दर्ज कर दिया,गांव के लोगो का कहना है की अब तक लोग कोर्ट के चक्कर काटते थे अब तो लेखपाल साहब ही माल लेकर मामला रफा दफा कर देते है। गांव में न्यायालय विचाराधीन सम्पत्ति जो मुकदमे में है उनके निपटारे के लिए लोग कोर्ट छोड़ लेखपाल साहब के यहां जाना शुरू करदिए है।वसीयत के बाबत मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद भी डोमैला लेखपाल राधेश्याम ने अपने पोर्टल से वरासत दर्ज की। जिला जज न्यायालय में प्रो वेट का मुकदमा विचाराधीन है जिसकी सूचना वादी तथा वादी के अधिवक्ता द्वारा देने के बावजूद तथा वादी की मुकदमे की प्रश्नोत्तरी लेने से इनकार करते हुए विपक्ष से मिलीभगत करके विपक्षी प्रमिला व निर्मला देवी का नाम बतौर वारिश दर्ज किया,गांव में जांच के दौरान सम्पत्ति कोर्ट में विचारा धिन होने की जानकारी लेखपाल डोमैला राधेश्याम को हुई उसके बाद भी वादी के अधिवक्ता व वादी द्वारा भी बताया गया फिर भी हिला हवालि करदी और नाम दर्ज कर दिया।लेखपाल साहब ने न्यायिक प्रक्रिया को चुनौती दे दी है अब कोर्ट क्या फैसला लेती है।वादी रो रो नयाय की मांग कर रहा न्यायालय से।


-पत्रकार अरविंद उपाध्याय



हमसे जुड़े :-


हमसे जुड़े :-


 FACEBOOK :-  अरविंद उपाध्याय

Twitter - अरविंद उपाध्याय

Insta - अरविंद उपाध्याय

E-mail - अरविंद उपाध्याय

Whatsapp - अरविंद उपाध्याय






Comments

Followers

Popular posts from this blog

सुमन ठाकुर का वाराणसी को बड़ा तोहफ़ा – एक साल में तैयार हुआ लोजीपार्क प्रोजेक्ट, हज़ारों युवाओं को रोज़गार

वाराणसी। नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुमन ठाकुर ने वाराणसी के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने वाराणसी (कछवां रोड, बीहणा) को ओ.डब्ल्यू.एम. लोजीपार्क प्रोजेक्ट के लिए चुना और जमीनी स्तर पर उतरकर कड़ी मेहनत करते हुए मात्र एक वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट को पूरी तरह तैयार कर दिया। सुमन ठाकुर ने बताया कि यह अब तक का सबसे तेजी से पूरा हुआ प्रोजेक्ट है। इसके लिए उन्हें कई बार वाराणसी का दौरा करना पड़ा और स्थानीय प्रशासन व टीम के साथ मिलकर हर चुनौती का समाधान किया। इस लोजीपार्क की स्थापना से हज़ारों युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और वाराणसी के आस-पास के इलाकों में आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। लोजीपार्क के माध्यम से बने कई वेयरहाउस से क्षेत्र को अनेक फायदे होंगे – माल के भंडारण और सप्लाई चेन में तेज़ी आएगी। परिवहन लागत और समय दोनों में बचत होगी। स्थानीय किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पाद आसानी से बड़े बाज़ारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। छोटे और मध्यम उद्योगों को स्टोरेज और वितरण की बेहतर सु...

आधुनिक आहार स्वास्थ्य के साथ एक खिलवाड़

आज भारत में बदलते समय के साथ हमारा आहार भी बदल रहा है। बाज़ार में कई प्रकार के व्यंजन एवं पेय पदार्थ हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं। चाहे बच्चे हो, युवा हो या वयस्क सब लोग भिन्न भिन्न प्रकार के व्यंजन का लुत्फ़ उठा रहे है पर सिर्फ़, जीभ के चलते हम अपने शरीर को अंदर से कितना खोखला कर रहे है। यह एक चिंतनीय विषय है। अगर वर्तमान समय में देखा जाये तो हमारे आस पास में अब पहले के तुलना में कई अधिक फ़ास्ट फ़ूड विक्रेता, फ़ूड स्टाल और रेस्तराँ खुल चुके है जहां हमें इटालियन से चाइनीज़ और मेक्सिकन से लेकर यूरोपियन ख़ान पान बहुत आराम से उपलब्ध हो जाता है और इन जगहों पर भीड़ हमे यह दर्शाता है की वाक़ई में अब हमारी ख़रीदने की क्षमता बहुत बढ़ चुकी हैं। बड़ी बड़ी पाश्चात्य कंपनियों का छोटे क़स्बो तक आउटलेट खुलना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। व्यापार के क्षेत्र में यह एक प्रशंसनीय पहल है पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह चिंतनीय है। आज आमजनों को कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, फैट की जानकारी, या बिलकुल नहीं है या बहुत कम है, पर हमारे शरीर को इसकी जानकारी भरपूर है और अपने पाचनतंत्र के लिए वो इनकी भूमिका भी...

इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे पर आर एस बनारस लॉ कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुन्दरपुर,वाराणसी ।  10 दिसंबर को विश्वभर में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डे मनाया जाता है। तो वहीं आर एस बनारस लॉ कॉलेज सुंदरपुर में ह्यूमन राइट्स डिबेट में छात्रों ने बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया। कॉलेज के HOD विवेक सिंह ने विशेष रूप से कॉलेज स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराया, जिसमें छात्रों को मानवाधिकारों और उनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया। इसी दिन को 1948 में संयुक्त राष्ट्र ने Universal Declaration of Human Rights (UDHR) को अपनाया था। मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए यह दिन 1950 से हर साल आयोजित किया जाता है तो वहीं लॉ कॉलेज के फैकल्टी आशीष तिवारी ने बताया कि मानवाधिकार केवल आदर्श नहीं, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मूलभूत अधिकार हैं। समानता, सम्मान और स्वतंत्रता हर व्यक्ति के जन्मसिद्ध अधिकार माने जाते हैं और यह मिलना हर व्यक्ति का अधिकार है। तो वहीं फैकल्टी डॉ गौरव सिंह ने बताया कि मानवाधिकार दिवस न सिर्फ जागरूकता का अवसर है, बल्कि अन्याय, भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ समाज को ए...